Sunday, February 16, 2014

भगोड़ा सिपाही 16/02/2014

एक आम आदमी जिसको मौका मिला था इतिहास बदलने का खुद को ना बदल सका सड़क का आन्दोलन और सरकार चलाने में बहुत फर्क है ये ना समझ सका उद्देश्य सही थे रास्ता भी सही था पर क्या सिर्फ जनलोकपाल ही है एक मात्र तरीका भ्रष्टाचार हटाने का ? अरे जब तक जनलोकपाल कानून ना बने तब तक मौजूदा कानून से काम चलाया जा सकता है , आखिर अम्बानी और देवड़ा के खिलाफ f i r आपने मौजूदा कानून में ही की , तो इन्तजार क्यों नहीं किया अपनी अक्षमताओ को शहादत ना बताओ ये देश याद रखेगा तुम्हें अरविन्द पर एक अभिमन्यु की तरह नहीं ,जो लड़ते लड़ते वीर गति को प्राप्त हुआ , बल्कि एक नक्सली की तरह ।जो व्यवस्था भंग करनेमें ही विश्वास रखते हैं ,सुधारने में नहीं ।। इति शुभम ।

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