Thursday, March 6, 2014

मोदी 06/03/2014

आह ।। क्या सोचा था .... केजरीवाल आया था तो लगा था की सड़ांध भरी राजनीती में कोई तो बदलाव की बयार लाया है कोई तो है जो इन दोनों बड़ी पार्टियों को जनता की कीमत समझा रहा है पर हम गलत थे ये तो अराजकता वादी ही निकला निरंकुश वी पी सिंह का खुमार उतरने में तो कुछ साल फिर भी लगे थे पर केजरीवाल का बुखार तो चढ़ने से पहले ही उतर गया खैर हुई अब तो बस हर हर मोदी घर घर मोदी ।। इति शुभम ।

No comments: